SantGaribdasJiMaharaj6Days

संत गरीबदास जी का जन्म गाँव-छुड़ानी, जिला-झज्जर, हरियाणा में सन् 1717 (विक्रमी संवत् 1774) में हुआ। सन् 1727 फाल्गुन सुदी द्वादशी के दिन के लगभग 10 बजे परमात्मा गरीबदास जी को नला नामक खेत में मिले सर्व ज्ञान कराया सतलोक लेकर गए और पृथ्वी पर वापस छोड़ा। तब गरीबदास जी ने बताया कि काशी में जो 120 वर्ष कबीर जुलाहा की भूमिका करके गए वह स्वयं परमात्मा हैं।
जिस कूं कहते कबीर जुलाहा । सब गति पूर्ण अगम अगाहा।।
फाल्गुन शुद्धि द्वादसी जिस दिन गरीबदास जी को (कविर्देव) कबीर परमेश्वर स्वयं सत्यलोक से आकर नाम उपदेश देकर गए थे।
उसी पावन दिवस (बोध दिवस) के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय सतसंग तथा अमृत वाणी का पाठ करते हैं।

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