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संतरामपालजी_की_जनहित_सेवा

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संत रामपाल जी महाराज जी एक समाज सुधारक संत है उनके सानिध्य में लाखों शादियाँ दहेज रहित और नशा मुक्त समाज तैयार हो रहा है  #संतरामपालजी_की_जनहित_सेवा India Will Become A Vishwaguru

Facts about Jesus

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पूर्ण परमात्मा जन्म मृत्यु से परे है, वह न तो माँ के गर्भ से जन्म लेता न ही उसकी मृत्यु होती है। ईसा मसीह जैसी पवित्र आत्मा की भी दर्दनाक मृत्यु हुई। फिर आम इंसान का कैसे बचाव हो सकता है। केवल पूर्ण परमात्मा कबीर जी ही अवविनाशी हैं, मोक्षदायक प्रभु हैं।  पूर्ण परमात्मा ही भक्ति की आस्था बनाए रखने के लिए स्वयं प्रकट होता है। पूर्ण परमात्मा ने ही ईसा जी की मृत्यु के पश्चात् ईसा जी का रूप धारण करके प्रकट होकर ईसाईयों के विश्वास को प्रभु भक्ति पर दृढ़ रखा। Only the Supreme God himself appears to maintain the faith of devotion. After the death of Jesus, God appeared in the form of Jesus and kept the faith of Christians firm on devotion to God

SantGaribdasJiMaharaj6Days

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संत गरीबदास जी का जन्म गाँव-छुड़ानी, जिला-झज्जर, हरियाणा में सन् 1717 (विक्रमी संवत् 1774) में हुआ। सन् 1727 फाल्गुन सुदी द्वादशी के दिन के लगभग 10 बजे परमात्मा गरीबदास जी को नला नामक खेत में मिले सर्व ज्ञान कराया सतलोक लेकर गए और पृथ्वी पर वापस छोड़ा। तब गरीबदास जी ने बताया कि काशी में जो 120 वर्ष कबीर जुलाहा की भूमिका करके गए वह स्वयं परमात्मा हैं। जिस कूं कहते कबीर जुलाहा । सब गति पूर्ण अगम अगाहा।। फाल्गुन शुद्धि द्वादसी जिस दिन गरीबदास जी को (कविर्देव) कबीर परमेश्वर स्वयं सत्यलोक से आकर नाम उपदेश देकर गए थे। उसी पावन दिवस (बोध दिवस) के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय सतसंग तथा अमृत वाणी का पाठ करते हैं।

Prediction

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According to Hungarian female astrologer Boriska, before the year 2000 AD, human virtues will be developed by an Indian angel in the midst of extreme circumstances of murder and looting According to France's "Nostradamus", after military revolutions all over the world, only a few good people will make the world better. Nostradamus is proving in Shataka 1 Verse 50 that the great saint will be born in an island surrounded by ocean on three sides

Avataran Diwas

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To commemorate the incarnation day of Sant Rampal Ji Maharaj Ji, a three-day Akhand Path Path is being organized on 6th, 7th and 8th September and free bus arrangements have also been made for the devotees coming from far and wide.  On the 73rd incarnation day of Jagatguru Tatvdarshi Sant Rampal Ji Maharaj Ji on earth, dowry-free marriages and Amrit Bhandara of pure desi ghee will be organized in 09 ashrams

Dharti Upar Swarg

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"धरती ऊपर स्वर्ग"     संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित यह अनमोल पुस्तक व्यर्थ सामाजिक परंपराओं, धार्मिक आडंबरों के दौर से गुजर रही दुनिया के लिए एक वरदान है। धरती ऊपर स्वर्ग पुस्तक को पढ़ने के बाद पता चला की तत्वदर्शी संत के न मिलने के कारण हम व्यर्थ परंपराओं का भार ढोते रहते हैं और सब कुछ होते हुए भी नरक जैसा जीवन जीते हैं। तत्वदर्शी संत मिलने के बाद धरती के ऊपर ही जीवन स्वर्ग समान बन जाता है।