मांस खाने लाभ या हानि?

वर्तमान में सर्व मुसलमान श्रद्धालु माँस खा रहे हैं। परन्तु नबी मुहम्मद जी ने कभी माँस नहीं खाया तथा न ही उनके सीधे अनुयाईयों (एक लाख अस्सी हजार) ने माँस खाया।
केवल रोजा व बंग तथा नमाज किया करते थे। गाय आदि को बिस्मिल(हत्या) नहीं करते थे।
नबी मुहम्मद नमस्कार है, राम रसूल कहाया।
एक लाख अस्सी कूं सौगंध, जिन नहीं करद चलाया।जो व्यक्ति मांस खाते हैं, महापाप के भागी हैं, वे घोर  नरक में गिरेंगे।
जो व्यक्ति जीव हत्या करते हैं जैसे गाय, बकरी, मुर्गी, सुअर आदि की वह महापापी हैं।
मांस खा कर यदि आप बलिदान भी देते हो तो सब व्यर्थ है, उसका कोई लाभ नहीं।
मांस को बैन कर देना चाहिए।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Dharti Upar Swarg

Avataran Diwas

संतरामपालजी_की_जनहित_सेवा